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डायपर रैशेज: कारण, लकà¥à¤·à¤£ व घरेलू इलाज
किसी à¤à¥€ माता-पिता के लिठवो पल सबसे दà¥à¤–दायी होता है, जब उनका शिशॠकिसी तकलीफ के कारण रोता रहता है। इसलिà¤, वो हर तरह से अपने बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² करते हैं। फिर à¤à¥€ वो इतने नाजà¥à¤• होते हैं कि कà¥à¤› छोटी-मोटी या सामानà¥à¤¯ चीजें à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तकलीफ दे जाती है। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ सामानà¥à¤¯ चीजों में से à¤à¤• है डायपर रैशेज, जो कई बार शिशà¥à¤“ं के लिठमà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ बन जाते हैं। इसलिà¤, मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम न सिरà¥à¤« आपको डायपर रैशेज के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बताà¤à¤‚गे, बलà¥à¤•ि डायपर रैशेज टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के बारे में à¤à¥€ जानकारी देंगे।
इससे पहले कि आप डायपर रैशेज टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के बारे में जानें, आपके लिठयह जानना जरूरी है कि आखिर डायपर रैशेज होते कà¥à¤¯à¤¾ हैं। लेख के इस à¤à¤¾à¤— में हम इसी बारे में जानकारी दे रहे हैं।
डायपर रैशेज कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?
यह छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाली à¤à¤• सामानà¥à¤¯ तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जो डायपर या फिर गीले कपड़े के उपयोग से होता है। इसमें तà¥à¤µà¤šà¤¾ लाल हो सकती और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में जलन, पपड़ी व खà¥à¤œà¤²à¥€ à¤à¥€ हो सकती है (1)। à¤à¤¸à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ के डायपर को नियमित रूप से न बदलने या फिर गीले डायपर व कपड़े की वजह से हो सकता है। इसके अलावा, अगर बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ संवेदनशील है, तो à¤à¥€ डायपर रैशेज हो सकते हैं। इसके कई और कारण à¤à¥€ हैं, जिसके बारे में हम लेख में आगे और विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताà¤à¤‚गे।
अब आपको लग रहा होगा कि कैसे पता चलेगा कि शिशॠको डायपर रैशेज हैं। लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम इसी बारे में बता रहे हैं।
डायपर रैशेज होने के लकà¥à¤·à¤£
डायपर पहनने के बाद तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर उà¤à¤°à¤¨à¥‡ वाले दाने à¤à¥€ डायपर रैशेज के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं, इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ आप अनदेखा न करें। à¤à¤¸à¥‡ ही कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में हम आपको नीचे जानकारी दे रहे हैं (1) (2)।
लाल रैशेज जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤¨à¥‡ लगते हैं।
लड़कों में अंडकोश और लिंग (scrotum and penis) पर लाल रैशेज, तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पपड़ी बनना।
लड़कियों के लैबिया और योनि (labia and vagina) पर लाल या पपड़ीदार तà¥à¤µà¤šà¤¾à¥¤
फà¥à¤‚सी, छाले, अलà¥à¤¸à¤°, बड़े छाले या मवाद से à¤à¤°à¥‡ घाव।
छोटे लाल पैच, जिसे सैटेलाइट लेसन (satellite lesions) à¤à¥€ कहते हैं। ये अनà¥à¤¯ पैच के साथ बà¥à¤•र मिल जाते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ डायपर निकालने के बाद बार-बार खà¥à¤œà¤²à¥€ à¤à¥€ कर सकते हैं।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सूजन à¤à¥€ हो सकती है।
अब बारी आती है डायपर रैशेज के कारण जानने की। आगे हम इसी बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं।
डायपर रैशेज होने के कारण
नीचे हम आपको डायपर रैशेज के कारणों के बारे में जानकारी दे रहे हैं (1) (2)।
अमोनिया (Ammonia) – यह मूतà¥à¤° में à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का रसायन होता है, जिस कारण रैशेज हो सकते हैं।
केमिकल के कारण – वाइपà¥à¤¸, साबà¥à¤¨, लोशन या पाउडर में मौजूद केमिकल के कारण डायपर रैशेज हो सकते हैं। इनमें à¤à¤¸à¥‡ रसायन होते हैं, जो शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठहानिकारक हो सकते हैं। साथ ही अगर बचà¥à¤šà¥‡ पर नठबà¥à¤°à¤¾à¤‚ड के डायपर या लोशन का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है, तो हो सकता है कि वो उसे सूट न करे और रैशेज हो जाà¤à¤‚।
ठोस आहार के कारण – डायपर रैशेज तब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखने लगते हैं, जब बचà¥à¤šà¥‡ ठोस आहार लेना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¤à¥€-कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो जाती है, जिस कारण बचà¥à¤šà¥‡ डायपर बार-बार गीला करते हैं और बार-बार उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साफ करने से रैशेज हो सकते हैं।
संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण – 4 से 15 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में डायपर रैशेज सामानà¥à¤¯ है। यह यीसà¥à¤Ÿ (फंगस) जिसे कैंडिडा कहा जाता है, उसके कारण à¤à¥€ हो सकता है। अगर शिशॠके डायपर नियमित रूप से न बदले जा रहे हों और शिशॠकी साफ-सफाई में कमी हो, तो à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण शिशॠको डाइपर रैशेज हो सकते हैं।
à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ – अगर मां सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करते समय à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ ले रही हैं, तो à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को रैशेज हो सकते हैं।
साफ-सफाई – शिशॠके पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ पारà¥à¤Ÿ को अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ न करने व उसे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से न सूखने देने के कारण à¤à¥€ रैशेज हो सकते हैं।
डायरियाल संकà¥à¤°à¤®à¤£â€“ डायरिया यानी पेट खराब की समसà¥à¤¯à¤¾ से à¤à¥€ डायपर रैश हो सकते हैं। दरअसल, लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ इनà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‡à¤°à¥‡à¤‚स के कारण यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— से बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है, जिसका नतीजा डायपर रैश हो सकता है।
अब वकà¥à¤¤ है डायपर रैशेज के इलाज के बारे में जानने का। आइà¤, इस बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रैशेज का इलाज | Diaper Rashes Ka Ilaj
अगर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को डायपर रैशेज हो गठहैं, तो उसके लिठनिमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट का उपयोग किया जाना चाहिठ(3)।
नियमित रूप से डायपर बदलें – बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के डायपर को थोड़ी-थोड़ी देर में चेक करते रहें और उनके गीला होने पर तà¥à¤°à¤‚त बदल दें। गीले डायपर से बचà¥à¤šà¥‡ के डायपर à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में नमी के कारण डायपर रैशेज हो सकते हैं।
साफ-सफाई – बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚ग वाले à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को साफ रखना जरूरी है। जब à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ का डायपर बदलें, तो पहले हलà¥à¤•े-हलà¥à¤•े हाथों से बचà¥à¤šà¥‡ के डायपर à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को साफ करें और जब बचà¥à¤šà¥‡ का डायपर à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से सूख जाà¤, तो बचà¥à¤šà¥‡ को डायपर पहनाà¤à¤‚।
डायपर रैशेज कà¥à¤°à¥€à¤® – आप डायपर रैशेज कà¥à¤°à¥€à¤® या मलहम का उपयोग कर सकते हैं। खासतौर, वो कà¥à¤°à¥€à¤® या मलहम जिसमें जिंक ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ या पेटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® मौजूद हो। इस तरह की कà¥à¤°à¥€à¤® या मलहम तà¥à¤µà¤šà¤¾ में जलन से आराम दिला सकते हैं और इसे नमी से बचाने में मदद कर सकते हैं। यदि डायपर रैश का कारण फंगल या कैंडिडा संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚टिफंगल मलहम à¤à¥€ दे सकते हैं।
सही साइज का डायपर – धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसही साइज के डायपर का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें। डायपर बहà¥à¤¤ टाइट या ढीला न हो। इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ का डायपर आरामदायक और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® हो।
बिना डायपर– कà¥à¤› विशेषजà¥à¤ž माता-पिता को सलाह देते हैं कि वो अपने बचà¥à¤šà¥‡ को पूरे दिन में थोड़ी-थोड़ी देर के लिठबिना डायपर के रखें। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को आराम मिल सकेगा और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में हवा लगने के कारण रैशज की आशंका कम हो सकती है।
अब हम आपको बचà¥à¤šà¥‡ के डायपर रैशेज के लिठकà¥à¤› घरेलू उपचार बता रहे हैं।
डायपर रैशेज के घरेलू उपचार | Diaper Rash Ke Liye Gharelu Upchar
यहां जानिठबचà¥à¤šà¥‡ के डायपर रैशेज को आसानी से ठीक करने के कà¥à¤› घरेलू उपचार।
नारियल तेल : आप डायपर रैशेज वाली जगह को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से साफ करके और नरà¥à¤® तौलिये से हलà¥à¤•े-हलà¥à¤•े हाथों से पोंछने के बाद उस पर नारियल तेल लगा सकते हैं। नारियल तेल में à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² व à¤à¤‚टीफंगल गà¥à¤£ मौजूद होते हैं, जिस कारण यह डायपर रैशेज पर असर कर उनके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम करने में मदद कर सकता है (4)।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥à¤• : डायपर रैशेज के लिठसà¥à¤¤à¤¨ का दूध सबसे आसान और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। जैसा कि यह सà¤à¥€ जानते हैं कि मां का दूध शिशॠके लिठसरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® होता है और इससे शिशॠकई बीमारियों से बचा रह सकता है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥à¤• में कई तरह के विटामिन मौजूद होते हैं, जैसे – à¤, ई, डी, के और बी कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¥¤ विटामिन-ई काफी असरदार होता है। यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ को कोमलता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। शोध से पता चला है कि दूध में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन-बी12 सूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾ व à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जैसी जटिलताओं की रोकथाम में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¤à¤¨ के दूध की इस कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का उपयोग डायपर रैशेज को ठीक करने के लिठà¤à¥€ किया जा सकता है। बस शिशॠके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जगह पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• की कà¥à¤› बूंदें लगा दें (5)।
विच हेज़ल : आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के डायपर रैशेज के लिठविच हेज़ल (औषधि गà¥à¤£à¥‹à¤‚ वाला पौधा) यà¥à¤•à¥à¤¤ डायपर रैशेज कà¥à¤°à¥€à¤® का उपयोग à¤à¥€ कर सकते हैं । इसमें à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€, à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• व à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं, जो डायपर रैशेज पर असरदार हो सकते हैं (6)।
नीम : आप नीम के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का पाउडर या नीम का तेल à¤à¥€ डायपर रैशेज पर लगा सकते हैं। नीम का à¤à¤‚टी-माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² व à¤à¤‚टीवायरल गà¥à¤£ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाव कर सकता है और रैशेज को बà¥à¤¨à¥‡ से रोक सकता है (7)। हालांकि, अगर छाले या घाव गंà¤à¥€à¤° या खà¥à¤²à¥‡ हैं, तो इसका उपयोग न करें।
à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ : आप बचà¥à¤šà¥‡ के डायपर रैशेज पर à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ जेल à¤à¥€ लगा सकते हैं। इसकी तासीर ठंडी होती है, जिस कारण यह रैशेज की वजह से होने वाले जलन से आराम दिला सकता है (8)।
कई माता-पिता के मन में यह à¤à¥€ आ रहा होगा कि à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ करें कि बचà¥à¤šà¥‡ को डायपर रैशेज न हों, तो इसका जवाब हम आपको लेख के इस à¤à¤¾à¤— में दे रहे हैं। यहां जानिठकि बचà¥à¤šà¥‡ को डायपर रैशेज होने से कैसे बचाया जा सकता है।
बचà¥à¤šà¥‡ को डायपर रैशेज होने से कैसे बचाà¤à¤‚
यहां कà¥à¤› आसान टिपà¥à¤¸ बता रहे हैं, जिनकी पालन करने पर बचà¥à¤šà¥‡ को डायपर रैशेज से दूर रखने में मदद मिल सकती है (1) (2) (3) (9)।
बचà¥à¤šà¥‡ के डायपर बदलने से पहले और बाद में हाथों को अचà¥à¤›à¥€ तरह धो लें।
हर कà¥à¤› देर में डायपर चेक करें और अगर डायपर गीला हो गया हो, तो तà¥à¤°à¤‚त बदल दें।
à¤à¤¸à¥‡ वाइपà¥à¤¸ का उपयोग न करें, जिसमें अलà¥à¤•ोहल या कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सà¥à¤—ंध का उपयोग किया गया हो।
बचà¥à¤šà¥‡ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट डायपर न पहनाà¤à¤‚।
बाल विशेषजà¥à¤ž से पूछें कि बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसबसे अचà¥à¤›à¥€ डायपर रैशेज कà¥à¤°à¥€à¤® कौन-सी है।
अगर आप बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकपड़े की नैपी का उपयोग कर रहे हैं, तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप उसे अचà¥à¤›à¥‡ से साफ करें और धोà¤à¤‚, ताकि उससे साबà¥à¤¨ या डिटरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट अचà¥à¤›à¥€ तरह से निकल जाà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‡ को डायपर पहनाते वकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि बचà¥à¤šà¥‡ का डायपर à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पूरी तरह से सूखा हà¥à¤† हो।
संà¤à¤µ हो, तो बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़ी देर के लिठबिना डायपर के रहने दें, ताकि डायपर à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक हवा मिल सके।
कई बार डायपर रैशेज गंà¤à¥€à¤° रूप à¤à¥€ ले सकते हैं। आगे हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ ही अवसà¥à¤¥à¤¾ के बारे में बता रहे हैं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाà¤à¤‚
डायपर रैशेज के कà¥à¤› मामलों में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना जरूरी होता है। अगर आपके शिशॠमें नीचे बताठगठलकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚, तो बिना देरी किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚ (1)।
अगर डायपर रैशेज 2-3 दिन में ठीक न हों और लगातार बिगड़ते जा रहे हों।
अगर ये रैशेज बचà¥à¤šà¥‡ के पेट, पीठ, हाथ और चेहरे पर à¤à¥€ होने लगें।
मवाद, फफोले, अलà¥à¤¸à¤°, बड़े घाव या मवाद से à¤à¤°à¥‡ घाव नजर आने पर।
अगर आपके शिशॠको बà¥à¤–ार à¤à¥€ है।
अगर शिशॠको जनà¥à¤® के 6 हफà¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥€à¤¤à¤° रैशेज हो जाà¤à¤‚।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ डायपर रैशेज का होना किसी अनà¥à¤¯ बीमारी का संकेत है?
सामानà¥à¤¯ तौर पर डायपर रैशेज दो से तीन दिन में ठीक हो सकते हैं (3)। वहीं, अगर ये कà¥à¤› दिनों में ठीक न हों और शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों में à¤à¥€ फैलने लगें, साथ ही शिशॠको बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो, तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। यह कà¥à¤› अनà¥à¤¯ बीमारियों के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ अपने बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के संपरà¥à¤• से बचाना चाहिà¤, या तो सà¥à¤¤à¤¨ के दूध के माधà¥à¤¯à¤® से या बचà¥à¤šà¥‡ के आहार के माधà¥à¤¯à¤® से?
जैसा कि हमने ऊपर आपको जानकारी दी कि जब बचà¥à¤šà¥‡ ठोस आहार का सेवन करने लगते हैं, तब से डायपर रैशेज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखने लगते हैं (1)। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मल-मूतà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने लगते हैं। कई बार बचà¥à¤šà¥‡ को डायरिया की à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसलिà¤, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¸à¤¾ आहार दें, जो उनके पेट के लिठसही हो। इसके अलावा, हमने यह à¤à¥€ जानकारी दी है कि अगर मां à¤à¤‚टी-बायोटिकà¥à¤¸ का सेवन करती है, तो उससे बचà¥à¤šà¥‡ को डायपर रैशेज हो सकते हैं। इसलिà¤, पहले से सावधानी बरतना जरूरी है।
मेरे बचà¥à¤šà¥‡ के रैशेज कितने जलà¥à¤¦à¥€ ठीक हो सकते हैं?
अगर सही तरीके से उपाय या देखà¤à¤¾à¤² की जाà¤, तो डायपर रैशेज दो से तीन दिन में ठीक हो जाते हैं। वहीं, अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिनों तक रैशेज हैं, तो à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर करें (3)।
किसी à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठडायपर रैशेज काफी पीड़ादायक हो सकते हैं और अगर समय रहते धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाà¤, तो ये बॠà¤à¥€ सकते हैं। अगर आपकी जानकारी में किसी बचà¥à¤šà¥‡ को डायपर रैशेज हैं, तो इस लेख को उसके परिजनों के साथ जरूर शेयर करें। वहीं, अगर इन उपचारों के बाद à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के डायपर रैशेज ठीक न हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेने में बिलà¥à¤•à¥à¤² देर न करें। शिशॠया गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से जà¥à¥œà¥€ अनà¥à¤¯ जानकारियों के लिठजà¥à¥œà¥‡ रहें मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के साथ।
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